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Showing posts from February, 2026

new Regadi With New Style

देवर को रंडी चोदते हुए पकड़ा भाभी ने

  दोस्तों ये कहानी देवर भाभी की चुदाई की. जिसमे पूनम जिसका देवर मनीष घर में ही एक रंडी बुला कर चोद रहा था जिसे पूनम ने रंगे हाथो पकड़ लिया. और उसके बाद हु देवर भाभी की खुल्ला सेक्स, जिसे पढ़ कर मेरे दोस्त अपने लंड और मेरी सहेलिया अपनी चूत का पनी निकालने लगे.  मनीष अपनी इस फ्रेंड को बार बार घर पर ले के आता था. पूनम भाभी तो पहले दिन से ही सब खेल समझ गई थी. बस पूखता सबूत नहीं थे उसके हाथ में. आज जब मनीष दोपहर में अपनी फ्रेंड श्वेता के साथ घर पर आया तो पूनम ने उन्हें ऊपर के कमरे में जाते हुए देखा.. आज पूनम ने सब बंदोबस्त जमाया हुआ था. पड़ोस के कमरे की वेंटिलेटर को हटा के वो ऊपर चढ़ी. और अन्दर देखा तो चोदमपट्टी चालु हो चुकी थी. वो लड़की श्वेता मनीष का लंड बहार निकाल के उसे चूस रही थी. पढ़ाई का बहाना कर के वो दोनों कमरे में साथ में घुसते थे. और दोनों के बगल में खुली हुई किताबे अभी भी पड़ी हुई थी. वो लड़की अपने बूब्स खुद दबा रही थी मनीष का मोटा लंड चूसते हुए. देवर मनीष का लंड देख के पूनम की आँखे भी एक मिनिट के लिए खुली की खुली ही रह गई. वो लंड पूरा 7 इंच का था और मोटाई भी 2 इंच से अध...

सेक्सी मामी और भांजे के संभोग वाली रात

  मेरा नाम रिमझिम है मै बिहार से हूं। बात 2003 की है मै उस टाईम 32 साल की थी और मेरी शादी हो गई थी और मेरी दो बेटियां थी। मेरी फिगर उस टाईम 36 32 38 होगा। मै काफी गदराई हुई थी। तो बात यूं हुई कि मै अपने ससुराल मे थी और मुझे अपने नानी के घर जाना था। मेरे पति देवर घर पर थे नही तो सासू माँ ने अपने नाती यानि मेरे पति के भांजे को बुला लिया कि जा बहु को छोड़ आ। Bihari Chudai Story मै और मेरी बेटी जाने वाले थे पर मेरी बेटी ने जाने से मना कर दिया तो सिर्फ मै ही जा रही थी। मेरे पति के बहन का ससुराल नजदीक ही था तो भांजा जिसका नाम अंशु है दोपहर मे आ गया। और हम उसी टाईम निकल भी गए। हमारे पास एक मारुति 800 थी जिससे। ठंड के दिन थे रास्ता लम्बा था तो जल्द ही शाम होने लगी। मेरे ससुराल से नानी घर लगभग 130 किमी होगा। हम सात बजे तक लगभग 100 किमी चले गए थे और बस 30 किमी दूरी ही बची थी जो काफी सूनसान था और खराब रोड भी। बिहार मे उन दिनो अंधेरा होते ही सब कुछ बंद हो जाता था ये तो आप जानते ही होंगे। हम सुनसान रास्ते पर जा रहे थे एक भी लाइट दूर दूर तक दिखाई नही दे रही थी और ऐसे मे हमारी गाड़ी भी बन्द हो गई...

ट्रेन के टॉयलेट में ले जाके भाभी की गांड मारी

  बात उस समय की है जब मैं कॉलेज में पढ़ाई करता था। मेरे फाइनल के एग्जाम खत्म हो गए थे और मैं उदयपुर से अपने नेटिव प्लेस सूरत आ रहा था। ट्रेन शाम को 4 बजे थी। मैं सही समय पर स्टेशन पहुंच गया था। मेरी सीट साइड लोअर थी। मैं ट्रेन में बैठा और सोच रहा था कि आगे क्या करना है।  वैसे ट्रेन में कोई खास भीड़ नहीं थी। जैसे ही ट्रेन चली, मैंने देखा कि एक औरत, करीब 30-32 साल की, आई और बोली कि आपकी सीट कौन सी है। मैंने कहा 11 नंबर। उसने अपनी टिकट देखी, वो 12 नंबर की थी, यानी साइड अपर। उसके साथ उसका एक 3 साल का लड़का था, जो विंडो पर आकर बैठ गया। उसने कहा, “क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं सामान रखने में?” मैंने मदद की और सारा सामान सीट के नीचे रख दिया। वो अपर सीट पर जाकर बैठ गई। उसका लड़का नीचे ही बैठा था और मेरे साथ खेल रहा था। ट्रेन चलती गई। एक घंटे बाद पहला स्टेशन आया तो वो नीचे उतर गई और चायवाले को आवाज देने लगी। उसने चाय ली, मैंने भी चाय ली। जब वो पैसे दे रही थी तो मैंने कहा, “मैं दे देता हूं,” और...