मकान मालकिन की खूबसूरत बेटी की चुदाई
मैं आसिफ नाज़िर हूँ, । मैं 22 साल का एक तंदुरुस्त लड़का हूँ। मेरी हाइट 6 फीट है और मेरे लंड का साइज़ 7 इंच है। चलो अब कहानी की तरफ़ आते हैं। ये बात दो साल पहले की है जब मैं पढ़ाई के लिए गाँव से कराची आया था। पहले कुछ दिन मैं अपने अंकल के यहाँ रहा। Paki Sweet Home Sex
फिर मैंने देखा कि वहाँ रहकर अच्छे से पढ़ाई नहीं कर पाऊँगा। इसलिए मैंने अपने लिए एक अलग घर ले लिया और वहाँ रहने लगा। वहाँ मेरा कमरा ऊपरी मंज़िल पर था। नीचे ग्राउंड फ्लोर पर मकान मालिक खुद रहता था। मकान मालिक का नाम राशिद था।
उनकी एक ही बेटी थी, उसका नाम राबिया था। वो भी कॉलेज में पढ़ती थी। अंकल और आंटी दोनों बहुत अच्छे थे। मैं कुछ ही दिनों में उनसे घुल-मिल गया। वे मुझे बहुत अच्छा लड़का समझते थे। इसलिए मैं उनके घर अक्सर आता-जाता रहता था।
मैं ज़्यादा तवज्जो पढ़ाई पर देता था, इसलिए अंकल-आंटी मेरा बहुत ख़याल रखते थे। मुझे किसी चीज़ की कोई कमी नहीं थी। मैं संडे के दिन देर तक सोता था। मैं अपने कमरे में लेटा हुआ था कि अंकल की बेटी राबिया छत पर कपड़े डालने आई। मैंने देखा कि वो पानी में भीग चुकी थी। क्या कमाल का फिगर था – लगभग 36-32-38।
उसने ब्रा नहीं पहनी थी, जिसकी वजह से सफ़ेद कपड़ों में उसके मम्मे कुछ-कुछ नज़र आ रहे थे। उसकी नज़र अचानक मुझ पर पड़ी कि मैं उसे देख रहा हूँ, तो वो घबरा कर नीचे भाग गई। मैं कुछ टेंशन में आ गया। मैंने सोचा कि कहीं किसी को बता न दे।
इसलिए जब वो दोबारा आई तो मैंने उससे सॉरी बोल दिया। उसने कहा, “इट्स ओके”। मगर अब उसके सिर पर दुपट्टा था। उसके बाद मैं रोज़ाना उसका फिगर याद करके मुठ मारा करता था। फिर एक रोज़ अचानक अंकल ने मुझे सुबह-सुबह बुलाया और कहा कि राबिया को कॉलेज तक बाइक पर ड्रॉप कर देना।
आज उनकी बाइक पंक्चर थी। तो मैंने राबिया को अपनी पीठ पर बिठाया। वो मुझे अजीब नज़रों से देख रही थी। मैं बाइक डर के मारे बहुत धीरे चला रहा था। फिर अचानक राबिया ने कहा कि उसे देर हो रही है, बाइक तेज़ चलाओ। तो मैंने हिम्मत करके उसे बोल दिया, “तुम गिर जाओगी, ज़रा मज़बूती से पकड़ लो।” फिर क्या था, उसने मुझे मज़बूती से पकड़ लिया। उसके मम्मे मेरी पीठ से दब रहे थे। मैं कुछ ज़्यादा ही स्पीड में चलाने लगा।
फिर उसने पूछा, “तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?”
मैं अचानक इस तरह के सवाल पर घबरा गया।
मैंने कहा, “नहीं।”
तो उसने कहा, “ठीक है, इसलिए कोई ब्रेक नहीं लगाई।”
उसका कॉलेज आ गया और वो हँसते हुए कॉलेज के गेट के अंदर चली गई।
मैं वापस आया तो अंकल ने पूछा, कोई प्रॉब्लम तो नहीं हुई?
मैंने कहा, “जी नहीं।”
फिर मैं उसे दोपहर को कॉलेज से लाने भी गया। मगर अब भी मैंने कोई ब्रेक नहीं मारी। उसने घर पहुँचकर मुझे थैंक्स किया और अपने कमरे में चली गई। शाम को मेरे पास चाय लेकर आई और बोली, “तुम बाइक बहुत अच्छी चलाते हो, दिल करता है तुम्हें ड्राइवर रख लूँ।” मैंने सोचा लाइन क्लियर है, तो मैंने कहा, “व्हाई नॉट, मैं आपका ड्राइवर बनकर रहने को भी तैयार हूँ।” वो शरमाते हुए नीचे भाग गई।
फिर अचानक नीचे से अंकल ने मुझे आवाज़ दी। मैंने देखा कि सब टेंशन में थे। मैंने सोचा शायद राबिया ने मेरे बारे में कुछ बता दिया हो। मगर अंकल ने बताया कि गाँव में उनके भाई की अचानक डेथ हो गई है और इसलिए अंकल को इमरजेंसी गाँव जाना पड़ेगा। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
अंकल ने मुझे आंटी और राबिया का ख़याल रखने को कहा और बोले कि मैं इनके पास ही सो जाया करूँ। मैं अंकल को स्टेशन छोड़ने चला गया। वापसी पर शाम हो रही थी। आंटी ने मुझे सर दर्द और नींद की टेबलेट लाने को बोला। आज वो बहुत टेंशन में थीं। आंटी नींद की गोलियाँ खाकर सो गईं।
राबिया और मैं देर तक छत पर बैठे रहे। राबिया मुझे अजीब नज़रों से देख रही थी। मैंने पूछा, “क्यों, कत्ल करने का इरादा है?” तो वो हँसकर नीचे भाग गई। मैं भी उसके पीछे नीचे चला गया। वो अपने कमरे में थी। मैं भी उसके कमरे में चला गया। वो मुझे देखकर अचानक घबरा गई और बोली, “तुम यहाँ कैसे?”
मैंने हिम्मत करके कह दिया, “मैं रात यहीं तुम्हारे कमरे में रहूँगा। अंकल ने कहा है।”
उसने कहा, “मेरे कमरे में ही क्यों, दूसरे कमरे में चले जाओ, मैं तुम्हारा बिस्तर लगा देती हूँ।”
मैंने कहा, “नहीं, मैं तो यहीं सोऊँगा।”
उसने कहा, “कोई देख लेगा।”
मैंने कहा, “आंटी ने स्लीपिंग पिल्स ली हैं, सुबह से पहले कभी नहीं उठेंगी।”
मैंने उनका दरवाज़ा बाहर से लॉक कर दिया था। वो मुस्कुराने लगी। मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे अपनी बाहों में ले लिया। उसे किस करने लगा। पहले तो वो शरमाई, फिर वो भी रिस्पॉन्स देने लगी। मैंने सोचा अब तो काम बन गया। मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और करीब 20 मिनट तक किस करता रहा।
वो बहुत हॉट हो चुकी थी। मैं उसके मम्मे दबाने लगा। वो एकदम काँपने लगी और मुझसे चिपक गई। मैंने अपनी शर्ट उतार दी और उसकी कमीज भी निकाल दी। मैं उसके मम्मे एक हाथ से दबा रहा था और दूसरे हाथ से उसकी चूत को सहला रहा था। वो एकदम लाल हो चुकी थी।
मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी। क्या मम्मे थे, एकदम गोल-गोल। मैं उन्हें चूसने लगा। इस दौरान वो झड़ चुकी थी। मैंने अपनी पैंट उतारी और उसकी शलवार भी उतार दी। मैं हैरान था, उसने पैंटी नहीं पहनी थी। मैंने पूछा, “लाइफ में कभी पहले सेक्स किया है?” उसने कहा, “नहीं।”
मैं दिल ही दिल में खुश हो गया कि कुँवारी चूत चोदने का मौका मिल रहा है। मैं उसकी चूत देखकर हैरान रह गया। एकदम लाल हो रही थी, उस पर बाल भी नहीं थे। मैं दीवानों की तरह उसकी चूत चाटने लगा। वो पागल हो गई और अजीब-अजीब आवाज़ें निकालने लगी – श्हीीी… उफ़्फ़्फ़्फ़… और मुझे कहने लगी, “कुछ करो, मैं मर जाऊँगी।”
मैंने अपना 7 इंच लंबा लंड उसके मुँह में देने लगा तो उसने मना किया। फिर मैंने मना लिया और उसने चूसना शुरू किया। करीब 5 मिनट में मैं फ़ारिग़ हो गया और सारा कम उसे पिला दिया। फिर मैंने उसे ऑयल की बोतल लाने को कहा। वो ऑयल की बोतल लेकर आई।
मैंने अपने लंड और उसकी चूत पर ऑयल लगाया। मैंने देखा कि चूत काफ़ी टाइट है, अंदर मुश्किल से जाएगा। मैंने उसके मुँह पर दुपट्टा बाँधना चाहा मगर उसने मना कर दिया। मैंने कहा, “तुम चिल्लाओगी तो मुसीबत हो जाएगी।” उसने कहा, “मैं बर्दाश्त कर लूँगी।”
मैंने कहा, “ठीक है।”
मैंने एक तकिया उसकी कमर के नीचे रखा जिससे उसकी चूत कुछ ऊपर उठ गई और कुछ खुल गई। मैंने लंड उसकी चूत के ऊपर रखा और धीरे-धीरे अंदर करने लगा। वो दर्द से तड़प रही थी मगर मुँह से आवाज़ नहीं निकाल रही थी। मैंने 3 इंच अंदर किया और रुक गया ताकि वो सकून में आए।
फिर मैं धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। उसे भी मज़ा आने लगा था। मैंने थोड़ा ज़ोर लगाया मगर लंड सिर्फ़ 1 इंच ही और अंदर जा सका। वो दर्द से तड़प रही थी। मैंने उसके होंठ चूसते हुए एक ज़ोरदार धक्का मारा तो मेरा पूरा लंड उसकी चूत में चला गया और ख़ून निकलने लगा। वो एकदम घबरा गई और रोने लगी।
मैंने उसे समझाया, “पहली दफ़ा ऐसा होता है।”
उसने कहा, “ठीक है मगर दर्द बहुत हो रहा है।”
मैंने कहा, “अभी ख़त्म हो जाएगा।”
फिर मैंने धीरे-धीरे हिलना शुरू किया। अब वो कुछ रिलैक्स थी और एंजॉय कर रही थी और मेरा साथ भी दे रही थी। मैं उसे किस करते हुए चोद रहा था। इस दौरान वो झड़ गई। मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और उसे चोदता रहा। अब कमरे में अजीब सी पचक-पचक की आवाज़ें आ रही थीं।
मैंने 15 मिनट तक उसे चोदा और अब मैं भी फ़ारिग़ होने के क़रीब था। मैंने उसे बताया कि मैं फ़ारिग़ होने वाला हूँ। उसने कहा, “अंदर मत छोड़ना।” तो मैंने अपना लंड बाहर निकाला और सारी मनी उसकी चूत के ऊपर छोड़ दी और उसे चूमने लगा। वो आज बहुत खुश थी।
हम साथ लेटे रहे। फिर हम साथ बाथरूम गए और नहाए। इस दौरान मैं एक दफ़ा फिर तैयार था। मैं उसे बेडरूम में लेकर आया और किस करने लगा। अब मेरा निशाना उसकी गांड थी। मैंने उसे फिर किस किया और सहलाने लगा। वो फिर गरम हो गई। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने उसे उल्टा किया तो वो घबरा कर पूछने लगी, “ये क्या कर रहे हो?”
मैंने कहा, “तेरी गांड मार रहा हूँ।”
वो घबरा गई और मना करने लगी।
मैंने कहा, “थोड़ा सा दर्द होगा।”
फिर मैंने अपना लंड उसकी गांड पर रखा और हल्का सा धक्का मारा। वो दर्द से चीख पड़ी। मैंने उसके मुँह पर हाथ रखा और एक ज़ोरदार धक्का मारा। मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस चुका था। वो बच्चों की तरह रो रही थी। मैंने उसे चुप करवाया मगर वो मुझसे बहुत नाराज़ थी। मैंने उसकी गांड में अपना लंड आगे-पीछे करने लगा। उसे भी अब मज़ा आने लगा था। उसने कहा, “थोड़ा तेज़ करो।”
मैंने अपनी स्पीड बढ़ाई और उसकी गांड को 15 मिनट तक चोदा। इस बीच मैं फ़ारिग़ हो गया और उसके ऊपर ही लेट गया। फिर हम साथ-साथ सुबह करीब 5 बजे तक लेटे रहे। फिर मैंने नहाया और दूसरे कमरे में जाकर सो गया। सुबह 7:30 बजे मुझे राबिया उठाने आई और बताया कि आंटी उठ चुकी हैं और तुम्हें नाश्ते के लिए बुला रही हैं, उन्हें चक्कर भी आ रहे हैं। मैंने कहा, “नींद की गोली का असर अभी भी है।” और देखा कि राबिया अजीब स्टाइल में चल रही थी।
मैंने पूछा, “ये क्या है?” उसने कहा, “बच्चे नहीं बनो, मुझे रात से बहुत दर्द हो रहा है।”
मैंने पूछा, “आंटी को क्या बताया?” उसने कहा, “मैंने मम्मी से कहा है कि पैर में मोच आ गई है।”
फिर मैं उठकर सहन में गया और आंटी को सलाम किया। आंटी की तबीयत का मालूम किया। आंटी ने बताया कि उन्हें चक्कर आ रहे हैं। मैंने कहा, “ये दवा का असर है, आप कुछ देर और आराम कर लो।” वो फिर सोने चली गईं। और मैंने राबिया को फिर अपनी बाहों में लिया और किस करने लगा। आज न वो कॉलेज गई न मैं। हमने पूरा दिन एंजॉय किया। अंकल करीब एक हफ़्ते बाद वापस आए और मैं इस बीच राबिया को करीब 25-30 दफ़ा चोद चुका था। राबिया बहुत खुश थी।
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